सोमवार, 29 नवंबर 2021

भारतीय ध्वज तिरंगे में केसरिया, हरा रंग और अशोक चक्र की असलियत जरूर जानें

 

भारतीय ध्वज तिरंगे में केसरिया, हरा रंग और अशोक चक्र की असलियत


हाल ही में एक विशेष संगठन के व्यक्ति द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे से अशोक चक्र हटाकर तिरंगे का अपमान किया गया और बैनर पोस्टर लगवाए गए तो मुझे लगा हमारे तिरंगे की सच्चाई सबको पता होनी चाहिए. 


हमारा #राष्ट्रीय_ध्वज जिसे #तिरंगा 🇮🇳भी कहा जाता है, जो हमारी शान और बलिदान का प्रतीक है। बहुत से लोग तिरंगे के रंगों को लेकर बहुत गलतफहमी में रहते हैं. मैं दावे के साथ कह सकती हूं 80% लोग इस गलतफहमी में हैं कि हमारे ध्वज के केसरिया और हरा रंग हिंदू और मुसलमानों का प्रतीक है.

जैसा कि देखने को भी मिलता है खुद को हिंदू या सनातनी मानने वाले लोग अपने धर्म ध्वज का रंग केसरिया रखते हैं . हालांकि बौद्ध और जैनों में भी केसरिया रंग का बहुत महत्व है. बौद्ध भिक्षुओं के वस्त्र भी केसरिया रंग के ही होते हैं.  वहीं मुसलमान अपने धर्म ध्वज का रंग हरा रखते हैं, मुसलमानों में हरे रंग का विशेष महत्व है. 

लेकिन आपको पता होना चाहिए हमारे राष्ट्रीय ध्वज का इन दोनों धर्मों से कोई लेना देना नहीं है. 

केसरिया को साहस और बलिदान का प्रतीक कहा जाता है, सफेद रंग को शांति और सच्चाई का प्रतीक कहा जाता है. जबकि हरा रंग संपन्नता का प्रतीक होता है।

अब सवाल उठता है ध्वज में सबसे ऊपर केसरिया रंग ही क्यों ऊपर रखा जाता है और हरा रंग नीचे क्यों? 

यहाँ भी नासमझ लोगों का मानना होता है हिंदू पहले से भारतीय हैं इसलिए उनका रंग ऊपर रखते हैं और मुसलमान    भारतीय मूल के नहीं थे या हिंदुओं से कमतर हैं इसलिए उनके हरे रंग को सबसे नीचे रखा जाता है. ये बहुत बड़ी गलतफहमी है. 

यहां केसरिया, सफेद और हरे रंग का अर्थ समझने वाला कोई भी तर्कशील इंसान समझ सकता है कि, साहस और बलिदान के बाद ही शांति आई और इसके बाद संपन्नता.. 

इसलिए ध्वज में सबसे ऊपर केसरिया रंग को रखा गया और सफेद व हरे रंग को नीचे.

अब बात करते हैं नीले रंग और  #अशोक_चक्र की. 

राष्ट्रीय ध्वज में अशोक चक्र नीले रंग का होता है. इसके रंग के बारे में कहा गया है कि, नीला रंग आकाश, महासागर और सार्वभौमिक सत्य को दर्शाता हैं.

वहीं अशोक चक्र में 24 तीलियाँ #बुद्ध द्वारा दिए गए संदेशों का

प्रतिनिधित्व करती हैं .बौद्ध दर्शन के अनुसार एक धम्म चक्र में 24 तीलियां होती हैं। जिसमें पहली 12 तीलियां महात्मा बुद्ध की शिक्षाओं को प्रदर्शित करती हैं। जबकि दूसरी 12 तीलियां मन की तटस्थ स्थिति को प्रदर्शित करती हैं। जो माइंडफुलनेस का पालन करने के बाद होता है और आगे निर्वाण की ओर ले जाता है।

24 तीलियां मनुष्य के 24 गुणों को प्रदर्शित करती है मनुष्य के लिए बनाये गए 24 धम्म मार्ग की तुलना अशोक चक्र की 24 तीलियों से की गई हैं. आइए जानते हैं इन 24 तीलियों का क्या महत्त्व है.

अशोक चक्र के 24 तीलियों की महत्व-


पहली तीली- संयम (संयमित जीवन जीने की प्रेरणा देती है)

दूसरी तीली- आरोग्य (निरोगी जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है)

तीसरी तीली- शांति (देश में शांति व्यवस्था कायम रखने की सलाह)

चौथी तीली- त्याग (देश एवं समाज के लिए त्याग की भावना का विकास)

पांचवीं तीली- शील (व्यक्तिगत स्वभाव में शीलता की शिक्षा)

छठवीं तीली- सेवा (देश एवं समाज की सेवा की शिक्षा)

सातवीं तीली- क्षमा (मनुष्य एवं प्राणियों के प्रति क्षमा की भावना)

आठवीं तीली- प्रेम (देश एवं समाज के प्रति प्रेम की भावना)

नौवीं तीली- मैत्री (समाज में मैत्री की भावना)

दसवीं तीली- बन्धुत्व (देश प्रेम एवं बंधुत्व को बढ़ावा देना)

ग्यारहवीं तीली- संगठन (राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत रखना)

बारहवीं तीली- कल्याण (देश व समाज के लिये कल्याणकारी कार्यों में भाग लेना)

तेरहवीं तीली- समृद्धि (देश एवं समाज की समृद्धि में योगदान देना)

चौदहवीं तीली- उद्योग (देश की औद्योगिक प्रगति में सहायता करना)

पंद्रहवीं तीली- सुरक्षा (देश की सुरक्षा के लिए सदैव तैयार रहना)

सौलहवीं तीली- नियम (निजी जिंदगी में नियम संयम से बर्ताव करना)

सत्रहवीं तीली- समता (समता मूलक समाज की स्थापना करना)

अठारहवी तीली- अर्थ (धन का सदुपयोग करना)

उन्नीसवीं तीली- नीति (देश की नीति के प्रति निष्ठा रखना)

बीसवीं तीली- न्याय (सभी के लिए न्याय की बात करना)

इक्कीसवीं तीली- सहकार्य (आपस में मिलजुल कार्य करना)

बाईसवीं तीली- कर्तव्य (अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना)

तेईसवीं तीली- अधिकार (अधिकारों का दुरूपयोग न करना)

चौबीसवीं तीली- बुद्धिमत्ता (देश की समृधि के लिए स्वयं का बौद्धिक विकास करना)

अशोक चक्र एक दिन के 24 घंटे और 24 सिद्धांतों को दर्शाता है जो एक इंसान में मौजूद होना चाहिए। वृत्ताकार अशोक चक्र देश की प्रगतिशीलता को दर्शाता है.

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Shashi Kushwaha   ✍

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