कई महिलाएं सोशल मीडिया पर इस वजह से लिखने से बचती हैं कि लोग उनकी लिखी बातों व विचारों को उनके व्यक्तिगत जीवन से जोड़कर देखने लगते हैं। क्योंकि जो महिलाएं सोशल मीडिया पर छोटे-बड़े घरेलू और सामाजिक समस्याओं के मुद्दों पर लिखती हैं, साधारण लोगों में ऐसी आम धारणा है कि ये जो भी लिखती हैं यह उनके जीवन में घटी अवश्य ही कोई बड़ी दुर्घटना होगी।
जीवन में कभी-कभी दुर्घटना के घटने पर महिलाओं में कोई आत्महत्या कर लेती हैं तो कोई चुपचाप बिना किसी को बताए घुट-घुटकर जीवन गुजार देती है। इसी तरह कोई लेखन या साहित्य रचना का आश्रय ले लेती हैं। एक लड़की जब लिखना शुरू करती हैं तब उसके लेखन से ज्यादा उसके व्यक्तिगत मामलों में लोगों की रुचि होती है।
प्रेमासक्त या प्रेम में असफल होने अथवा पारिवारिक अशांति या परिवार के प्रति निराशा वगैरह बिना कोई लड़की बेमतलब सोशल मीडिया पर क्यों लिखेगी यह बात अनेक लोगों की समझ से परे है।
लोगों को समझना चाहिए कि कोई महिला अपने व्यक्तिगत जीवन के अलावा अन्य महिलाओं की समस्याओं व सामाजिक मुद्दों पर भी लिख सकती है..
✍️ शशि

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